पटना (बिहार)। अवैध बालू खनन मामले को लेकर बिहार सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भोजपुर और औरंगाबाद जिलों के तत्कालीन पुलिस अधीक्षकों को सस्पेंड कर दिया है। पहले इन्हें ट्रांसफर कर मुख्यालय बुलाया गया था। गृह विभाग ने भोजपुर के तत्कालीन SP राकेश दुबे और औरंगाबाद के तत्कालीन SP सुधीर कुमार पोरिका को सस्पेंड करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस मामले में चार DSP, तीन अंचलाधिकारी और एक मोटर वाहन निरीक्षक को भी सस्पेंड किया गया है।
विदित हो कि बालू के अवैध खनन में संलिप्त पाए जाने के बाद फील्ड से हटाए गए अफसरों पर गाज गिरने लगी है। भोजपुर और औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी के साथ डेहरी ऑन सोन के तत्कालीन एसडीओ और एसडीपीओ को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, औरंगाबाद सदर, भोजपुर और पालीगंज के तत्कालीन एसडीपीओ पर भी गाज गिरी है। खनन विभाग के सात, राजस्व विभाग के तीन व परिवहन विभाग के एक अधिकारी पर भी अवैध बालू खनन में कार्रवाई हुई है।
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक ईओयू की जांच रिपोर्ट के आधार पर औरंगाबाद के तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार पोरिका और भोजपुर के एसपी राकेश कुमार दूबे को निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर अवैध खनन, भंडारण और परिवहन में दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, इसमें शामिल लोगों को मदद पहुंचाने व खुद इसमें संलिप्त रहने का गंभीर आरोप है। इनके द्वारा अधीनस्थ पदाधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण भी नहीं रखा गया। इससे पहले भारतीय पुलिस सेवा के इन दोनों अधिकारियों को एसपी के पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय में अटैच किया गया था। निलंबन के साथ ही इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के भी आदेश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में सुधीर कुमार पोरिका और राकेश कुमार दूबे का मुख्यालय रेंज आईजी, पटना के कार्यालय में निर्धारित किया गया है।
इनके अलावा बिहार प्रशासनिक और बिहार पुलिस सेवा के पांच अधिकारी भी नपे हैं। डेहरी-ऑन-सोन के तत्कालीन एसडीओ सुनील कुमार सिंह और एसडीपीओ रहे संजय कुमार के साथ भोजपुर के तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार राउत, औरंगाबाद सदर के तत्कालीन एसडीपीओ अनूप कुमार और पालीगंज के एसडीपीओ रहे तनवीर अहमद को भी निलंबित कर दिया गया है।
बालू के अवैध खनन के मामले में खान एवं भूतत्व विभाग के पांच पदाधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक सहायक निदेशक और चार खनन विकास पदाधिकारी शामिल हैं। जबकि दो लोगों की सेवाएं उनके मूल विभाग को लौटाते हुए निलंबन के लिए कहा गया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में खान एवं भूतत्व विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार, खनिज विकास पदाधिकारी प्रमोद कुमार, सुरेंद्र सिन्हा, राजेश कुशवाहा और मुकेश कुमार शामिल हैं। इनके अलावा खनन निरीक्षक मधुसूदन चतुर्वेदी और रंजीत कुमार की सेवाएं सहकारिता विभाग को लौटाई गई हैं। उनके निलंबन की भी संस्तुति की गई है।
बालू के अवैध खनन में संलिप्त तीन अंचलों के तत्कालीन अंचलाधिकारियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए अंचलाधिकारियों में भोजपुर के कोईलवर के तत्कालीन अंचलाधिकारी अनुज कुमार, पटना के पालीगंज के अंचलाधिकारी रहे राकेश कुमार एवं औरंगाबाद के बारूण के तत्कालीन अंचलाधिकारी बसंत राय शामिल हैं। निलंबन अवधि में इन तीनों अधिकारियों का मुख्यालय आयुक्त कार्यालय पटना प्रमंडल में बनाया गया है। परिवहन विभाग ने भोजपुर के तत्कालीन एमवीआई विनोद कुमार को भी निलंबित कर दिया है।
जानकारी हो कि बालू मामले पर विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ था। कई विधायकों ने अवैध बालू खनन और भंडारण को लेकर सवाल उठाए थे।