पटना (बिहार)। जम्मू-कश्मीर के बारामुला में आतंकियों के हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के दो जवानों का पार्थिव शरीर देर शाम तिरंगे में लिपटे उनके गांव पहुंचा। गांव में आतंकवादियों के खिलाफ आक्रोश के बीच देशभक्ति के गगनभेदी नारे गूंज उठे। शहीदों के स्वजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। गांव वाले भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। बिहार के जहानाबाद निवासी लवकुश शर्मा एवं रोहतास निवासी खुर्शीद खां हमले में शहीद हुए हैं।
रोहतास जिले के बिक्रमगंज थानांतर्गत घोसियां कला गांव के शहीद जवान खुर्शीद खां की उनके पैतृक गांव में देर शाम शव आने की खबर की सूचना मिलते ही उनकी एक झलक देखने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी । साथ ही उनके श्रद्धांजलि के लिए पूरे बिक्रमगंज शहर को फूलों से सजाया गया था। हर जगह लोग शहीद के लिए नारे लगाते नही थक रहे थे। साथ ही साथ उनका सारा गांव उनके याद में ” जबतक सूरज चांद रहेगा–तबतक शहीद खुर्शीद आपका नाम रहेगा” के नारे से गुंजायमान हो रहा था। पत्नी नगमा खातून शव के साथ लिपटकर रोती रहीं। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। आधी रात के बाद घुसियाकला बाल स्थित कब्रिस्तान में शहीद खुर्शीद खां के पार्थिव शरीर को सिपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।