गया (बिहार)। कृषि मंत्री व बीजेपी उम्मीदवार डॉ प्रेम कुमार की गिरफ्तारी और उनका नामांकन रद्द करने की मांग उठने लगी है। बिहार विधान सभा चुनाव के लिए नामांकन होते ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
जानकारी हो कि गया शहर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस उम्मीदवार अखौरी ओंकारनाथ उर्फ़ मोहन श्रीवास्तव ने एक बड़ा आरोप कृषि मंत्री व बीजेपी उम्मीदवार डॉ प्रेम कुमार पर लगाया है। श्रीवास्तव ने जानकारी दी है कि गया रेल थाना में वर्ष 2014 में दर्ज एक मामले में कोर्ट द्वारा 14 नवम्बर 2019 को ही वारंट जारी किया गया था, जिसमें प्रेम कुमार ने न तो जमानत ली है और न ही उनकी गिरफ्तारी हुई है। अपने नामांकन पत्र में दी जानेवाली सूचना में भी उन्होंने इस तथ्य को छिपाया है। श्रीवास्तव सहित गया शहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे तीन अन्य उम्मीदवारों ने भी गया के निर्वाचन पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रेम कुमार की गिरफ्तारी और उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार आरोप लगाने वाले चारों विरोधी प्रत्याशियों द्वारा उनके द्वारा वारंट की कॉपी भी उपलब्ध कराई गई है। इस आरोप पर प्रतिक्रिया देने के लिये डॉ प्रेम कुमार शहर में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके सहयोगी और अधिवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि नामांकन पत्र में उनके द्वारा इस मामले की जिक्र किया गया है, परंतु उन्हें यह जानकारी नही है कि कोर्ट द्वारा वारंट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई गंभीर मुकदमा दर्ज नहीं है।