चारा घोटाले से जुड़े केस में दिसंबर 2017 में जेल भेजे गए लालू यादव आखिरकार सवा तीन साल बाद रिहा हो गए। उनकी रिहाई के ऑर्डर गुरुवार को ही दिल्ली एम्स भेज दिए गए थे, जहां उनका इलाज चल रहा है। अब एम्स को रिहाई के ऑर्डर की हार्ड कॉपी भी मिल गई है। अब लालू कैद से आजाद हैं, लेकिन परिवार ने उन्हें फिलहाल AIIMS में ही रखने का फैसला लिया है। उनकी तबीयत खराब है। लगातार डॉक्टरी देखभाल की जरूरत है। आगे डॉक्टरों की सलाह पर ही उन्हें अस्पताल से बाहर लाया जाएगा।
इसके पहले गुरुवार को लालू के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने सीबीआइ कोर्ट में 30 लाख जुर्माना में से 10 लाख रुपये जमा किया, उसके बाद सीबीआइ कोर्ट से रिलीज आर्डर जेल भेज दिया गया। जेल प्रबंधन ने आर्डर एम्स प्रबंधन को मेल कर दिया। उसके बाद वे जेल से निकल गये।
परिवार का कहना है कि दिल्ली में चिकित्सा व्यवस्था बेहतर है। लालू को डॉक्टर की देख-रेख में रहना है। ऐसे में दिल्ली ही उनके लिए बेहतर है। डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक ही परिवार फैसला लेगा। डॉक्टरों की मंजूरी के बाद ही लालू को घर ले जाया जाएगा। इस स्थिति में वे मीसा के घर ही जाएंगे। हालांकि परिवार यह भी मान रहा है कि अभी लालू का एम्स में रहना ही बेहतर है।
विदित हो कि लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने दो धाराओ पर 7-7 साल की सजा सुनाई थी, कोर्ट ने दोनों सजा को अलग अलग काटने का आदेश दिया था। गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ताओं ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में आधी सजा पूरा हो जाने की दलील पेश करते हुए याचिका दायर की थी और उसी मामले में कोर्ट ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। हालांकि उससे पहले सीबीआई ने ये दावा किया था कि लालू प्रसाद यादव की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन इसके बाद 17 अप्रैल को हुई सुनवाई में लालू को जमानत मिल गयी और आज वे रिहा हो गये।
जानकारी हो कि लालू प्रसाद यादव इस दौरान काफी लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे, जिस वजह से शुरूआत में उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थति में सुधार नहीं हुआ तो बाद में उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था।