रोहतास (बिहार)| देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले की जयंती समारोह कुशवाहा सभा भवन सासाराम में सत्य नारायण स्वामी के अध्यक्षता में धूमधाम से संपन्न हुआ। भन्ते धम्म चक्रधारी सारनाथ वाराणसी के द्वारा दीप प्रज्वलित एवं पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि कुशवाहा बुद्धिजीवी मंच के राष्ट्रीय सचिव श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि देश में शिक्षा का घोर अभाव था| महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था, उस विषम परिस्थिति में सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं में शिक्षा का अलख जगाने का काम किया। उन्होंने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से जिया, जिसका उद्देश्य था- विधवा विवाह कराना, छुआछूत मिटाना, दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना। महिलाओं को शिक्षित करने में उन्हें काफी कष्ट उठाना पड़ा,लेकिन उन संकटों का सामना करते हुए सावित्रीबाई फुले को अभूतपूर्व सफलता मिली।
श्री सत्यनारायण स्वामी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उनका जीवन गरीब और वंचित लोगों को सशक्त करने के लिए समर्पित था| शिक्षा और समाज सुधार को बहुत महत्व दिया। उन्होंने अपने पति महात्मा फुले के साथ मिलकर देश में प्रथम बालिका विद्यालय खुलवायी। ऐसे विभूति को बार-बार नमन करता हूं|
समारोह को अश्विनी उपाध्याय, दीनानाथ सिंह मुखिया ,अशोक कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह, हरिहर प्रसाद सिंह, रामअवतार मौर्य, मेघनाथ सिंह, जगदीश सिंह तर्कसील, निर्भय कुमार सिंह ,ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, उमेश कुमार ,लालमोहन सिंह, बाबू चंद सिंह, जलेंद्र यादव ,हेमंत कुमार ,दशरथ सिंह, शिक्षिका अंजू कुमार यादव, डॉ पूनम कुमारी ,अंजू कुमारी, विनीता सिंह ,विभा कुमारी ,संध्या सिंह, ज्ञानती कुमारी, मधुमिता कुमारी ,नीलम साहू, काजल कुमारी, प्रियंका कुमारी, सीमा कुमारी, संतोष कुमार गुप्ता, अरविंद मेहता, उज्जवल कुमार ,सुरेंद्र कुमार, सुनील कुशवाहा, मधु देव कुशवाहा ,उमेश कुशवाहा, हरेंद्र सिंह एवं त्रिलोक सिंह समेत कई लोगों ने सावित्री बाई फुले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए नमन किया।