पटना (बिहार) । एनडीए के उम्मीदवार पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए आयुक्त कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किया। राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरने का अंतिम दिन 3 दिसंबर है। 14 दिसंबर को राज्यसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी। नामांकन के दौरान सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव समेत भाजपा के कई नेता मौजूद रहे। बड़ी संख्या में सुशील मोदी के समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता भी आयुक्त कार्यालय में मौजूद थे।
नामांकन के बाद सुशील कुमार मोदी के साथ नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत की। सभी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर विक्ट्री साइन दिखाया। नामांकन से पहले सुशील कुमार मोदी बीजेपी कार्यालय पहुंचे। यहां संजय जायसवाल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव, विनोद नारायण, नीतीश मिश्रा समेत भाजपा के कई नेता कार्यालय में मौजूद रहे।
सुशील कुमार मोदी के नामांकन के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम तो बधाई देने आए हैं। बिहार की लंबे समय तक सेवा की है। अब उनके अनुभव का लाभ केंद्र को भी मिलेगा। सीएम ने यह भी बताया कि बहुत कम लोग चारों सदन के सदस्य रहे हैं। राज्यसभा का सदस्य बनते ही यह बिहार के लिए भी गौरव की बात होगी। सुशील मोदी विधानसभा, विधानपरिषद, लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। राज्यसभा में भी उनका जाना तय माना जा रहा है।
विदित हो कि महागठबंधन की ओर से अब तक किसी भी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। एनडीए उम्मीदवार सुशील कुमार मोदी के खिलाफ महागठबंधन प्रत्याशी नहीं तय कर पा रहा है। महागठबंधन द्वारा राज्यसभा उपचुनाव के उम्मीदवार के लिए लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान को ऑफर किया गया था। कहा गया था कि चिराग पासवान अपनी मां रीना पासवान को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए। लेकिन लोजपा की ओर से इस ऑफर को ठुकरा दिया गया। इसके बाद राजद नेता श्याम रजक को राज्यसभा का उम्मीदवार बनने के लिए कहा गया। उन्होंने भी इससे साफ मना कर दिया है। दरअसल, जदयू छोड़कर राजद में आए श्याम रजक को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया। इससे वे नाराज चल रहे हैं। श्याम रजक को खुश करने के लिए राजद ने उन्हें राज्यसभा भेजने का मन बनाया, लेकिन बात नहीं बन सकी।