बिहार विधानसभा के स्पीकर विजय सिन्हा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर बुधवार को विशेष सत्र बुलाकर सदन में स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया।
विजय सिन्हा ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद मैं खुद ही अपने पद से इस्तीफा दे देता। लेकिन मुझे पद से हटाने की कोशिश शुरू कर दी गई। मुझ पर सदस्यों ने मनमानी करने, तानाशाही करने का आरोप लगाया। जो बिलकुल ही गलत है। जब नई सरकार का गठन हो रहा था तभी 9 अगस्त को ही विधानसभा सचिव को मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की सूचना दे दी गई थी। इसलिए मैंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, ताकि सदन में इसका जवाब दे सकूं। मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना उचित नहीं था। यह नियम के अनुकूल नहीं है। फिर भी मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
विजय सिन्हा ने डिप्टी स्पीकर की जगह नरेंद्र नारायण यादव को अध्यासी पदाधिकारी घोषित किया, फिर सदन को स्थगित कर दिया। इसको लेकर सदन में विवाद हो गया। जेडीयू ने इसका जमकर विरोध किया, क्योंकि नियमानुसार स्पीकर के नहीं रहने पर डिप्टी स्पीकर सदन की कार्यवाही को संचालित करते हैं।
जानकारी हो कि विजय सिन्हा ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना किए बिना ही इस्तीफा दे दिया और कहा कि मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है। विजय सिन्हा विधानसभा के बाहर निकलने के बाद परिसर में लगे धार्मिक पेड़ों को नमन करते अपने विधायकों के साथ बाहर निकल गए।