पटना (बिहार)। बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन एकजुटता के साथ लड़ेगा। महागठबंधन में सीटों को लेकर चल रहा गतिरोध समाप्त गया। महागठबंधन ने शनिवार को पटना के मौर्या होटल में प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर सीटों के बंटवारे की घोषणा किया । घोषणा से पूर्व हाथरस की घटना पर एक मिनट का मौन रखा गया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम ठेठ बिहारी हैं, जो वादा करते हैं उसे पूरा करते हैं। हमारा डीएनए पूरी तरह शुद्ध है। हम बिहार को शुद्ध जल की तरह बढ़िया विकल्प देंगे। वर्तमान सरकार कीचड़ वाले सड़े हुए पानी की तरह हो गई है। बिहार की जनता को नदी की तरह बहते शुद्ध पानी जैसी सरकार की जरूरत है। हम पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख स्थायी और सरकारी नौकरी देंगे। नौकरी के लिए आवेदन भरने की फीस भी नहीं लगेगी।
बिहार विधानसभा चुनाव में राजद ने अपने लिए 144 सीटें रखी। इसमें वह वीआईपी और जेएमएम को भी हिस्सा देगी। कांग्रेस को विधानसभा की 70 सीटें देने के साथ ही वाल्मीकिनगर में होने वाले लोकसभा के उपचुनाव का भी सीट दिया जाएगा है। भाकपा माले को 19 सीटें दी गई हैं। भाकपा को 6 एवं माकपा को 4 सीटें मिली है।
प्रेस कांफ्रेंस में राजद की ओर से तेजस्वी यादव के अलावा तेजप्रताप यादव, मनोज झा, जगदानंद सिंह और आलोक मेहता मौजूद थे। कांग्रेस की तरफ से सदानंद सिंह, अविनाश पांडेय, भाकपा-माले के दीपांकर भट्टाचार्य, माकपा के अवधेश कुमार, भाकपा के रामनरेश पांडेय और वीआईपी के मुकेश साहनी मौजूद थे।
प्रेस कांफ्रेस के दौरान वीआईपी के मुकेश साहनी ने विरोध जताते हुए कहा कि यहां हमारे साथ अन्याय हुआ है। महागठबंधन ने अतिपिछड़ों के साथ धोखा किया है। वीआईपी के सीटों का खुलासा नहीं करना विश्वासघात है। वे प्रेस कांफ्रेंस से उठकर चले गए।