रोहतास (बिहार)। अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के जिला इकाई के सदस्यों ने गुरुवार को शहर में विरोध मार्च निकाला। हाथ में लाल झंडे व बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचे। जहां 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रखंड कार्यालय पर धरना पर बैठ गए। राष्ट्रव्यापी प्रखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन के माध्यम से सीओ के समक्ष मांग पत्र सौंपे।
धरना के माध्यम से सभी अनाधिकृत वासियों और भूमिहीनों का मुकम्मल सर्वे के आधार पर नया वास-आवास कानून बनाया जाने, हाउसिंग राइट को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाए, मनरेगा की मजदूरी ₹600 किया जाए। मांग के अनुसार काम और समय पर भुगतान की गारंटी हो। दलित-गरीबों का बकाया बिजली बिल माफ किया जाए। 200 यूनिट फ्री बिजली देने की व्यवस्था केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करें। खाद्य पदार्थों को जीएसटी के दायरे से बाहर किया जाए। जन वितरण प्रणाली के तहत तेल, दाल, मसाले और चीनी की भी आपूर्ति की जाए। शिक्षा–स्वास्थ्य के निजीकारण पर रोक लगाई जाए। गरीबों को 5 लाख रुपए तक का ब्याज रहित लोन दिया जाए। ब्लॉक, बैंक और थाने के भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। टाटा के सभी बंधुओं को रिहा किया जाए। शराबबंदी कानून के तहत जेलों में बंद सभी उत्पीड़ित गरीबों को रिहा किया जाए। महिला पहलवानों के साथ भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह द्वारा सेक्सुअल हरासमेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पास्को एक्ट के तहत जेलों में बंद कर, उसकी संसद सदस्यता रद्द की जाए।
धरना में भाकपा माले जिला सचिव नंदकिशोर पासवान, जयगम कुरेशी, मुन्ना महतो, मदन कुशवाहा, नन्हकराम, नौशाद अली खान, बलिस्टर सिंह, बुद्धा देवी, फुल कुमारी, बंशीधर सिंह, अफसाना खातून, शबाना खातून, नगमा खातून, दैलातो देवी, विक्रमा यादव, नाजिया बेगम, रेहाना खातून आदि शामिल रहे।