पटना (बिहार)। केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। राजकीय सम्मान के साथ शनिवार की शाम पटना के दीघा स्थित जर्नादन घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी हो कि शुक्रवार शाम पासवान का पार्थिव शरीर पटना पहुंचा था। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा कई बड़े नेता रामविलास को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर भी चिराभ भावुक दिखे और हाथ जोड़कर अपने पिता को नमन कर श्रद्धांजलि दी थी।
जदयू नेता आरसीपी सिंह और एमएलसी संजीव सिंह, राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दकी, पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय और रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा भी पहुंचे। इनके अलावा हाजीपुर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पासवान की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पंजाब से भी कई लोग आए। रामविलास पासवान की पहली पत्नी राजकुमारी देवी भी अपने गांव से अंतिम दर्शन के लिए सुबह-सुबह पटना स्थित आवास पहुंचीं। आंसुओं से भरी आंखों के साथ जैसे ही वह पहुंची तो शव देखकर जार-बेजार होकर रोने लगीं। इस मौके पर चिराग पासवान सहित परिवार के तमाम लोगों मौजूद थे।
विदित हो कि दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के अंतिम दर्शन के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से ही उनके पटना के श्रीकृष्णपुरी स्थित निजी आवास पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां से दोपहर में उनकी अंतिम यात्रा दीघा के जनार्दन घाट के लिए शुरू हुई। अंतिम यात्रा के दौरान भावुक होकर, नम आंखों से अपने नेता की आखिरी झलक देखने के लिए लोगों का हुजूम था। बेटे चिराग ने अपने पिता को कंधा दिया तो लोगों की आंखें भर आईं। दोपहर पार्थिव शरीर जनार्दन घाट लाया गया। शाम करीब 04.45 बजे राम विलास के पुत्र व लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
पूर्व मुख्यमंत्री और हम के प्रमुख जीतन राम मांझी ने रामविलास पाासवान के लिए भारत रत्न की मांग की है। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि पासवान को भारत रत्न मिले और उनके दिल्ली आवास को स्मारक बनाया जाए।