बिहार विधान सभा चुनाव के मद्देनजर पहले चरण की वोटिंग के बीच दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार का दौर जारी है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई चुनावी सभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने दरभंगा और मुजफ्परपुर की चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राजद के शासनकाल को खास तौर पर अपने निशाने पर रखा और इनके 15 वर्षों में अराजकता और कुशासन का आरोप लगाया। इसके साथ ही तेजस्वी यादव द्वारा यह कहे जाने पर कि उनकी सरकार बनते ही पहला फैसला 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का करेंगे, इस पर पीएम मोदी ने कहा कि ये आए तो बिहार से प्राइवेट कंपनियां भी भाग जाएंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि वो दल जिन्होंने बिहार को अराजकता दी, कुशासन दिया वो फिर मौका खोज रहे हैं। जिन्होंने बिहार के नौजवानों को गरीबी और पलायन दिया, सिर्फ अपने परिवार को हजारों करोड़ का मालिक बना दिया, वो फिर मौका चाहते हैं। वो दल जो बिहार के उद्योगों को बंद करने के लिए बदनाम हैं, जिनसे निवेशक कोसों दूर भागते हैं, वो लोग बिहार के लोगों को विकास के वायदे कर रहे हैं। सरकारी नौकरी तो छोड़िए, इन लोगों के आने का मतलब है, नौकरी देने वाली प्राइवेट कंपनियां भी बिहार से भाग जाएंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के गंभीर दौर से हम गुजर रहे हैं। ऐसे में ये समय हवा-हवाई बातें करने वालों को नहीं, बल्कि जिनके पास अनुभव है, जो बिहार को एक गहरे अंधेरे से निकालकर यहां लाए हैं, उन्हें दोबारा चुनने का है। आप कल्पना कर सकते हैं, एक तरफ महामारी हो और साथ ही जंगलराज वाले राज करने आ जाएं तो ये बिहार के लोगों पर दोहरी मार की तरह हो जाएगा।