रोहतास (बिहार)। सासाराम। कुशवाहा सभा भवन में रविवार को ‘सच्ची रामायण एवं सच्ची रामायण की चाबी’ नामक पुस्तक के लेखक की जयंती मनाई गई। जयंती समारोह का आयोजन बुद्ध, फुले, अंबेडकर, जगदेव विचार मंच के तत्वाधान में किया गया। समारोह की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने किया।
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मानववादी लेखक, विचारक ललई सिंह यादव ने सच्ची रामायण एवं सच्ची रामायण की चाबी नामक पुस्तक लिखकर तथा प्रकाशित कराकर समाज के उत्थान का प्रयास किया। पुस्तक को सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर जब्त कर लिया गया था। जिसे ललई सिंह यादव ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़कर, जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त किया। उनके कार्यों से हमें प्रेरणा मिलती है। वे जीवन भर ढोंग ढकोसला, अंधविश्वास, शोषण, दमन, जुल्म, अत्याचार के खिलाफ जीवन भर लड़ते एवम् लिखते हुए अनेक पुस्तकें प्रकाशित कराकर सदा के लिए अमर हो गए। वे समाजवादी मनुवादी चिंतक, विचारक थे। अमर शहीद जगदेव प्रसाद, रामस्वरूप वर्मा एवं महाराज सिंह भारती के वे सच्चे अनुयाई थे।
जयंती समारोह को मुख्य रूप से मंच के अध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, मंच के संस्थापक जगरोपन सिंह, यादव महासभा के जिलाध्यक्ष सुग्रीव प्रसाद सिंह, शोषित समाज दल के राष्ट्रीय नेता टेंगर पासवान, कुशवाहा सभा भवन के अध्यक्ष रविंद्र प्रसाद सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव संजय कुमार सिंह, मंच के राष्ट्रीय महामंत्री निर्भय कुमार सिंह, सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के हरिहर प्रसाद सिंह, शोषित समाज के नेता रामअवतार मौर्य, जगदेव स्मारक समिति के शिव कुमार सिंह, बीपी मंडल स्मारक समिति के डीडी यादव, चंद्रशेखर सिंह एवम् जगत प्रकाश मौर्य ने संबोधित किया।
समारोह में आए सभी लोगों ने ललई सिंह यादव के तैल्य चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इसके बाद कार्यक्रम का आगाज हुआ।