पटना (बिहार)। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से मंगलवार को ईडी दफ्तर में ईडी के अधिकारी 8:30 घंटे पूछताछ किए। ईडी की पूछताछ खत्म हो गई है। सवाल-जवाब के बाद तेजस्वी यादव एजेंसी के ऑफिस से निकल चुके हैं।
जानकारी हो कि नौकरी के बदले जमीन घोटाले में ईडी कार्यालय में मंगलवार को सुबह लगभग 11 बजे तेजस्वी यादव ईडी दफ्तर पहुंचे। वहां राजद समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। तेजस्वी ईडी के ऑफिस में लगभग 15–20 मिनट बाद दाखिल हुए। राजद समर्थक कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ईडी दफ्तर के बाहर उनकी बड़ी बहन मीसा भारती ने तेजस्वी से हो रही पूछताछ के विरोध में धरने पर बैठ गईं। उनके साथ कई राजद नेता भी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
धरने पर बैठे नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव के पहले भाजपा इस तरह की कार्रवाई विभिन्न जांच एजेंसियों के माध्यम से करवाती है। ईडी कार्यालय गेट पर राजद कार्यकर्त्ता केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी करते रहे। महिला कार्यकर्ता भी अधिक संख्या में थीं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बड़े मामा प्रभुनाथ यादव लगभग 12 बजे से ही डटे हुए थे। उनका कहना है कि अधिकारी किसी को नौकरी देता है या नेता। नेता कैसे किसी को नौकरी दे सकता है? वे अपने जीजा लालू यादव और भांजा तेजस्वी यादव सहित परिवार को निर्दोष बता रहे हैं।
पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि हमारे नेता मजबूत हैं। किसी से डरने वाले नहीं हैं। जेल का डर न नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिगा नहीं सकता है। आगामी चुनाव में बिहार की जनता एनडीए को सबक सिखाएगी।
विदित हो कि राजद का एक कार्यकर्ता लालू यादव की आवाज में लोगों को संबोधित कर रहा था। कुछ लोग मीडिया के खिलाफ नारेबाजी करने लगे तो पार्टी के नेताओं ने ही उन्हें रोका। जाप के एक कार्यकर्ता बख्तियारपुर से आए थे। मोदी मुक्त भारत लिखा केसरिया रंग का थैला लोगों को दिखा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोल रहे थे।
जानकारी हो कि सोमवार को इस मामले में राजद सुप्रीमों लालू यादव से पूरे 10 घंटे तक पूछताछ हुई थी। ईडी ने लालू यादव से 50 से अधिक सवाल किए थे।