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देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरएसएस के एजेंडा से लड़ने की है, आरएसएस ने समाज में घृणा और वैमनस्य का ज़हर घोल दिया है– तेजस्वी यादव

ByMedia News

Oct 10, 2022

देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरएसएस के एजेंडा से लड़ने की है। आरएसएस ने समाज में घृणा और वैमनस्य का ज़हर घोल दिया है। उक्त बातें दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अधिवेशन में तेजस्वी यादव ने कही।

उन्होंने कहा कि हमें अपने विचार पर अड़िग रहकर आरएसएस की कट्टर जातिवादी एवं सामाजिक न्याय विरोधी वैचारिकी से लड़ना है। समाजवाद ही पूंजीवाद और संप्रदायवाद का विकल्प है।

बैठक को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि हम सभी विपक्षी दलों को दिल्ली से एक संदेश देने आए हैं। बिहार ने हमेशा देश को एक नई दिशा दिखाने का काम किया है। बैठक को लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने संबोधित किया। इस दौरान तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पेश कर चर्चा की गई। राजनीतिक स्थिति, विदेश नीति और देश की आर्थिक स्थिति पर तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए गए।

राजद राष्ट्रीय कार्यकारिणी का मुख्य एजेंडा भाजपा को सत्ता से बेदखल करना रहा। राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बताया कि पूरे देश को संदेश देने के लिए बैठक का आयोजन दिल्ली में किया जा रहा है। इस बैठक में अगले चुनाव में भाजपा के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी।

राजद के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार को बैठक के पहले दिन लालू प्रसाद यादव को लगातार 12वीं बार अध्यक्ष बनाने संबंधी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई। सोमवार को उनकी इस पद पर ताजपोशी होगी। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव नहीं लाया जा सका।

राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण या नीतिगत मामलों पर अब सिर्फ सर्वमान्य नेता तेजस्वी यादव ही बोलेंगे।

राजद की ओर से पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद यह दावा किया गया कि देश के कई हिस्सों में विपक्ष ने एकजुट होना शुरू कर दिया है। भाजपा का दो से 303 सीटों तक का सफर 2024 से उलटी दिशा में जाना शुरू हो जाएगा।

विदित हो कि राजद की बिहार इकाई के प्रमुख जगदानंद सिंह बैठक में नहीं पहुंचे। अटकलें है कि राज्य में पार्टी संगठन में बदलाव हो सकता है। जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को नीतीश कुमार सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद से ही वह नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, सुधाकर सिंह बैठक में मौजूद रहे।

जगदानंद सिंह के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कहा कि वे किसी कारण से नहीं आए होंगे। हमारा दावा है कि वे राजद के साथ हैं।

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