देश भर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार धूमधाम से रविवार को मनाया जा रहा है। ईद-उल-अजहा या बकरीद इस्लाम धर्म का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है।
दिल्ली की जामा मस्जिद में सुबह 6 बजे ईद-उल-अजहा के मौके पर नमाज अदा की गई। यहां भारी संख्या में नमाजी पहुंचे। फतेहपुरी मस्जिद में 7:15 बजे और पार्लियामेंट स्थित मस्जिद में 8 बजे ईद की नमाज अदा की गई। बिहार के पटना स्थित गांधी मैदान में ईद की नमाज अदा की गई।
देश भर में ईद-उल-अजहा या बकरीद के मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। सुरक्षा के दृष्टि से चप्पे चप्पे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को बकरीद की बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार बलिदान और मानव सेवा का प्रतीक है। आइए, इस अवसर पर मानव जाति की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और देश की खुशहाली तथा समग्र विकास के लिए काम करने का संकल्प लें।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद-उल-अजहा के मौके पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा “ईद मुबारक! ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं। यह त्योहार हमें मानवता की भलाई और समृद्धि की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करे।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी बकरीद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा– यह पावन अवसर सभी के लिए एकता की भावना का सूत्रपात करे और सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशियाँ लाए। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा– सभी देशवासियों को ईद-उल-अजहा की दिली मुबारक़बाद। आप सभी स्वस्थ रहें, खुश रहें और ये त्योहार आप सभी के जीवन में खूब तरक्की लेकर आए।
जानकारी हो की इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक ईद हर वर्ष दो बार मनाई जाती है। एक ईद-उल-अजहा और दूसरा ईद उल फितर। ईद उल फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है। इसे रमजान को खत्म करते हुए मनाया जाता है। मीठी ईद के करीब 70 दिनों बाद बकरीद मनाई जाती है। मस्जिदों में नमाज अदा करने के बाद बकरे की कुर्बानी देते हैं।