रोहतास(बिहार)। राष्ट्रीय राजमार्ग पर डेहरी के पास पुलिस ने शेरघाटी से गुजरात ले जाए जा रहे बाल मजदूरों से भरी बस को जब्त कर बाल मजदूरों को दलालों से मुक्त कराया। पुलिस ने तीन दलालों को मौके से धर दबोचा। बस में 93 पुरूष, चार महिलाओं के साथ दो छोटे छोटे बच्चे को जैसे तैसे ठुसकर बैठाया गया था। सभी को स्थानीय स्कूल में जांच के लिए प्रशासन एवं बाल कल्याण समिति के अधिकारी के संरक्षण में रखा गया है।
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शेरघाटी से जा रही बाल मजदूरों से भरी बस को डेहरी में पकड़ा है। इसमें सवार गया शेरघाटी जिले के विभिन्न जगहों के रहने वाले हैं। जिसमें दो दलालों को भी पकड़ा गया है।
एसडीपीओ एएसपी संजय कुमार ने बताया कि एसपी के निर्देश पर यह करवाई की गई है। गुजरात से भेजी गई निजी ऑपरेटर के बस आर 18पीबी 3300 से इन्हें ले जाया जा रहा था। पूछताछ में मजदूरों ने औरंगाबाद जिले के ओबरा के ठिकेदार कविद्र सिंह राधिका सिटेक्स फैक्ट्री सूरत में काम कराने के लिए ले जा रहे थे। दूसरा ठिकेदार औरंगाबाद देव थाना के उधमबिगहा का रहने वाला है। जो सूरत के पाड़ेसरा न्यू राधिका साड़ी मिल में मजदूरों को बहला फुसलाकर ले जा रहा था। गिरफ्तार दलालों से पूछताछ की जा रही है। बाल कल्याण के अधिकारी व स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी मजदूरों को आधार कार्ड का सत्यापन कर मुक्त किया जाएगा। बाल मजदूरों को चाइल्ड लाइन सासाराम भेजा जाएगा।
रोहतास जिला में बाल तस्करी रोकने के लिए काम कर रही संस्था सेंटर डायरेक्ट पटना बोर्ड की मेम्बर सबीता पांडेय ने बताया कि इधर जिलों में दलालों की सक्रियता बढ़ी है। दलाल कई दांव पेंच अजमा रहे हैं। प्रलोभन के कारण पैरेंटस खुद अपने बच्चों को जयपुर गुजरात तक पहुंचा रहे हैं। इससे रेस्क्यू करना काफी मुश्किल हो रहा है। एएसपी ने बताया कि बस का परमिट 36 लोगों के लिए पास है, परंतु बस में लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए 97 लोग सवार थे। सभी के विरुद्ध लांकडाउन के उल्लंघन करने के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।