पटना (बिहार) । बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से पहले नीतीश कुमार ने बड़ा मोहरा चलते हुए बिहार का दलित चेहरा माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को अपने पाले में कर लिया है।
विदित हो कि हम नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बुधवार को जदयू के साथ गठबंधन का ऐलान करते हुए कहा कि आज से हमारा गठबंधन एनडीए के साथ हो रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा लूंगा।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का जदयू के साथ पार्टनर के रूप में अलायंस हुआ है। सीटों के सवाल पर जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार की तारीफ में कसीदे कसते हुए कहा कि नीतीश से हमारा पुराना संबंध रहा है। गठबंधन में बिना शर्त शामिल हुआ हूं। सीटें कितनी मिलेगी यह जदयू और हम मिलकर तय कर लेंगे।
जीतन राम मांझी ने लालू प्रसाद पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के चक्कर में आ गए थे जिसके कारण गठबंधन में शामिल हुए। आरजेडी पूरी तरह से भ्रष्टाचार और घोटाले में डूबी हुई पार्टी है। मैं पिछले कई महीनों से गठबंधन में कोआर्डिनेशन कमेटी बनाने की बात कह रहा था। महीनों गुजरने के बाद भी मेरी बात नहीं सुनी गई।
जीतन राम मांझी के पुत्र को आरजेडी द्वारा एमएलसी बनाने के सवाल पर मांझी ने कहा कि हमारा पुत्र कोई सातवां पास नहीं है। हमारा बेटा एमए पीएचडी किया हुआ है। उसे मेरिट के आधार पर एमएलसी बनाया गया था।