बिहार में एक तरफ ‘डबल इंजन’ की सरकार है, तो दूसरी तरफ ‘डबल-डबल युवराज’ हैं। कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश चुनाव में जो हाल ‘डबल-डबल युवराज’ का हुआ, वही हाल बिहार में भी खासतौर पर जंगलराज के युवराज का होगा। बिहार में रविवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा।
पीएम ने कहा कि कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश चुनाव में जो हाल ‘डबल-डबल युवराज’ का हुआ, वही हाल बिहार में भी खासतौर पर जंगलराज के युवराज का होगा। साफ है कि पीएम ने बिहार विधानसभा चुनाव में ‘डबल-डबल युवराज’ कह कर उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान साथ रहे राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर इशारा किया। वहीं बिहार में ‘डबल-डबल युवराज’के माध्यम से उन्होंने तेजस्वी और राहुल पर भी निशाना साधा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान पुलवामा हमले, अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण सहित केंद्र और बिहार सरकार की कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के जवान शहीद हुए थे, उस वक्त सत्ता एवं स्वार्थ की राजनीति करने वालों ने खूब भ्रम फैलाने की कोशिश की और ऐसे लोग आज वोट मांग रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे लोगों से सचेत रहने की अपील करते हुए कहा कि दो-तीन दिन पहले पड़ोसी देश ने पुलवामा हमले की सच्चाई को स्वीकार किया है। इस सच्चाई ने उन लोगों के चेहरे से नकाब हटा दिया, जो हमले के बाद अफवाह फैला रहे थे।
जानकारी हो कि मोदी पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी के वहां की संसद में पुलवामा हमले को लेकर दिए गए बयान का जिक्र कर रहे थे। फवाद ने पाकिस्तानी संसद में कहा था कि पुलवामा हमला उनकी (खान की) सरकार के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि है।
पीएम मोदी ने छपरा, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में एक तरफ लोकतंत्र के लिए पूर्ण रूप से समर्पित राजग का गठबंधन है, तो दूसरी तरफ अपने निहित स्वार्थ को समर्पित पारिवारिक गठबंधन हैं। उन्होंने विपक्षी महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और राजद पर निशाना साधते हुए यह बात कही। पीएम ने बिहार को बीमार होने से बचाने के लिये राज्य में नीतीश कुमार एवं राजग को जनादेश देने की लोगों से अपील की। बिहार के सामने, डबल इंजन की सरकार है, तो दूसरी तरफ डबल-डबल युवराज भी हैं। उनमें से एक तो जंगलराज के युवराज भी हैं। डबल इंजन वाली राजग सरकार, बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, तो ये डबल-डबल युवराज अपने-अपने सिंहासन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन का मुकाबला भाजपा, जेडीयू, हम पार्टी और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के गठबंधन से है। बिहार चुनाव में राजद नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कुछ साल पहले हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन था।
प्रधानमंत्री ने रैली में आए लोगों से पूछा कि क्या नीतीश कुमार जी का कोई परिवार वाला सरकार में है ? किसी पद पर है? क्या मोदी का कोई परिवार वाला संसद में या कहीं है? क्या नीतीश कुमार का कोई भाई राज्यसभा पहुंचा ? क्या नीतीश कुमार की कोई बेटी, बेटा कहीं पहुंचा है क्या ? पूर्वी चंपारण में रैली में राम मंदिर का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद मैं आज पहली बार आपके बीच आया हूं। सदियों के लंबे इंतजार के बाद, तप और तपस्या के लंबे दौर के बाद जो यह अवसर आया है, उसके लिए रामायण की रचनास्थली से जुड़े सभी लोगों को वह बधाई देते हैं।
प्रधानमंत्री ने विपक्षी महागठबंधन पर परिवारवाद को लेकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि सिर्फ और सिर्फ अपने-अपने परिवार के लिए काम कर रही इन पारिवारिक पार्टियों ने आपको क्या दिया? बड़े-बड़े बंगले बने, तो किसके बने? महल बने, तो किसके बने? उन्होंने कहा कि इन पारिवारिक पार्टियों के घरों में बड़ी-बड़ी करोड़ों की गाड़ियां आईं, गाड़ियों का काफिला बना, लेकिन आपके बच्चों की चिंता क्या ये करेंगे ?
उन्होंने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि अब तो इस चुनाव में जंगलराज वालों के साथ नक्सलवाद के समर्थक, देश के टुकड़े-टुकड़े करने की चाहत रखने वालों के समर्थक भी शामिल हो गए हैं। इन्हें जरा भी मौका मिल गया तो राज्य में फिर अपराध, अराजकता का दौर आ जायेगा। राजद सहित विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि जंगलराज के युवराज बिहार में उचित माहौल का विश्वास दे सकते हैं ? वह राज्य में निवेश का माहौल बना सकते हैं? प्रधानमंत्री ने राजद की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कानून व्यवस्था की खराब स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि आज के नौजवान को खुद से पूछना चाहिए कि बड़ी-बड़ी परियोजनाएं जो बिहार के लिए इतनी जरूरी थीं, वो बरसों तक क्यों अटकीं रहीं? पुल बनाने के लिए कौन काम करेगा जब इंजीनियर सुरक्षित नहीं हों? कौन सड़क बनाएगा जब ठेकेदार की जान चौबीसों घंटे खतरे में हो? किसी कंपनी को अगर कोई काम मिलता भी था, तो वह यहां काम शुरू करने से पहले सौ बार सोचती थी। ये जंगलराज के दिनों की सच्चाई है। इसे याद रखना चाहिए। उन्होंने लालू-राबड़ी की सरकार के दौरान की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए युवाओं को याद दिलाया कि बचपन के दिनों में आपकी मां, आपको कहा करती थी कि ‘लकरसुंघा’ आ जाएगा। असल में आपकी मां को चिंता थी कि अगर उनके बच्चे बाहर निकले तो अपहरण हो जाएगा।