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वीआईपी ने किया ऐलान, जहां से अतिपिछड़ा चुनाव लड़ेगा, वहां से VIP नहीं उतारेगी अपना उम्मीदवार

ByMedia News

Oct 4, 2020

तेजस्वी यादव ने अंधेरे में रखकर पीठ पर छुरा घोंपा- सहनी

पटना (बिहार)। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन से बाहर होने के बाद विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर अंधेरे में रखकर पीठ पर छुरा घोंपने का आरोप लगाया है। उक्त आरोप पटना के मौर्या होटल में रविवार को विकासशील इंसान पार्टी द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान लगाया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहनी ने कहा कि अति पिछड़ा समाज का बेटा हूं, जहां से भी किसी अन्य प्रमुख दल से कोई अतिपिछड़ा चुनाव लड़ेगा, वहां से वो अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। भविष्य में कभी भी तेजस्वी यादव के साथ मिलकर राजनीति नहीं करेंगे। हमारी पार्टी अपनी शर्तों पर चुनाव लड़ेगी। अन्य गठबंधन से बात चल रही है। फिलहाल पार्टी के सभी पदाधिकारियों के साथ विमर्श के बाद 243 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है। प्रत्याशियों की प्रथम सूची की घोषणा 05 अक्टूबर को होगी।

सहनी ने तेजस्वी के कथनी और करनी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब बात सीटों की हो चुकी थी, तब तेजस्वी को घोषणा करने में दिक्कत क्यों हुई ? हमारे साथ 25 सीट एवं उपमुख्यमंत्री पद का वादा करके अंधेरे में रखकर अंतिम समय में पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। इसका बदला अति पिछड़ा समाज विधानसभा चुनाव में जरूर लेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के विचारों से प्रभावित होकर हमने तेजस्वी से समझौता किया था और महागठबंधन में शामिल हुए थे। राजद लालू प्रसाद यादव की पार्टी नहीं रह गई है। तेजस्वी ने हमें लोकसभा चुनाव में भी धोखा दिया था। दरभंगा लोकसभा सीट पर वार्ता हुई थी, लेकिन एक साजिश के तहत हमें खगड़िया लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने पर मजबूर किया गया। विधानसभा उपचुनाव में भी हमारे साथ छल किया गया। तेजस्वी हर मामले में अपनी मनमर्जी करते रहे हैं और हमेशा हमें नजरअंदाज किया है। जो व्यक्ति एक पार्टी/महागठबंधन को बरकरार नहीं रख सकता है वो बिहार कैसे संभालेगा?

सहनी ने कहा कि बिहार के तमाम उभरते हुए युवा नेता को तेजस्वी देखना नहीं चाहते है, क्योंकि तेज तर्रार, युवा नेता से तेजस्वी को एलर्जी एवं डर है। लोकसभा चुनाव में CPI(M) को महागठबंधन में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि कन्हैया को टिकट देना पड़ता और कन्हैया अगर आ जाता तो तेजस्वी के लिए खतरा था।

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